
आहा आब्त लौन सेल पकन्ना तेरि बर्यातमा
लपालप हेल्वा सुजि खन्ना तेरि बर्यातमा

ओहो कति रुबस छन धेकेइ तेरा हुन्यावाला
रुबसी सब उनराइ मुख हेरन्ना तेरि बर्यातमा
भौती धन मन वाला पायै तु भाग्य मानी रैछैइ
आब्त डाँडाकाँडा बाजा बजन्ना तेरि बर्यातमा




छमछम्ति नच्चाकी आइजौँलो तेरा घर सुवा
जै बेला मारी छलिया नचन्ना तेरि बर्यातमा।
नाँचगान बाजा बर्यात आहा कति बणिया
छलिया गजबका ठोक हलन्ना तेरि बर्यातमा
कुरु कुरु गद्दा लौन सेल आल गोपिको साग
सारा गाउँका मान्स खनाइ झन्ना तेरि बर्यातमा
पारस भट्ट प्यासी-
सुदुरपश्चिम बैतडी

































